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Sim Swap Fraud Kya Hota Hai : आपको पता भी नहीं चलेगा और आपका बैंक खाता सिम से खाली हो जायेगा

आपको पता भी ना चले , और कोई दूसरा पर्सन आपके मोबाइल में लगी सिम को ऑपरेट करने लगे और फिर वो आपके बैंक अकाउंट तक पहुंच जाये। तो आपको कैसा लगेगा । बेशक आप परेशान हो जाओगे कि ये मेरे साथ क्या हो रहा है ।

ऑनलाइन बैंकिंग फ्रॉड में यह तरीका तेजी से बढ़ता जा रहा है । जिसकी चपेट में बहुत से यूजर्स अपना बैंक अकाउंट खाली करवा चुके है।

ऑनलाइन बैंकिंग फ्रॉड की इस तकनीक को सिम स्वाइप फ्रॉड का नाम दिया गया है आज हम आपको इस लेख में ऑनलाइन फ्रॉड की इसी तकनीक के बारे में संपूर्ण जानकारी देने वाले है ताकि किसी भी यूजर्स के साथ इस प्रकार की घटना न हो। Sim Swap Fraud Kya Hota Hai

Sim Swap Fraud Hindi

देश में सिम स्वाइप फ्रॉड के मामले लगातार तेजी से बढ़ते जा रहे हैं।

इस तरह के फ्रॉड के मामला कुछ दिनों पहले पुणे की एक महिला के साथ सिम अपग्रेड कराने के नाम पर सामने आया , जिसमें उसके बैंक अकाउंट से लगभग ढाई लाख रुपए की रकम निकाली गई।

स्कैमर ने महिला को 3G सिम को 4G में अपडेट कराने के नाम पर अपने जाल में फँसाया उसके बाद उन्होंने महिला का सिम क्लोन करके उसके अकाउंट से पैसे अपने अकाउंट में ट्रांसफर कर लिए ।

अक्सर आपने फेक कॉल के जरिये लोगों से बैंक डिटेल मांग कर अकाउंट से पैसे निकालने की बहुत से घटनाये सुनी होगी या देखी भी होगी , जिनके मामले लगातार सामने आते रहते है।

लेकिन अब आपके बैंक से पैसे निकालने के लिए साइबर क्राइम करने वालो को आपके पास कॉल करने की जरूरत नहीं पड़ती है वे आपका सिम स्वाइप तकनीक का इस्तेमाल करके इस काम को आसानी से कर लेते

अमेरिका में इस प्रकार के मामले बहुत ज्यादा देखने को मिलते है। लेकिन अब यह भारत भी ऑनलाइन फ्रॉड की इस तकनीक का इस्तेमाल बहुत ज्यादा हो रहा है ।अमेरिकी ट्रेड फेयर कमीशन के मुताबिक 2013 में सिम स्वाइप के जरिए 1,038 चोरी रिपोर्ट की गई. हालांकि इसमें बढ़ोतरी हुई है जनवरी 2020 तक यह 10000 हो गई.

सिम स्वाइप फ्रॉड क्या है ? Sim Swap Fraud Kya Hota Hai

सिम क्लोनिंग या सिम स्वैपिंग एक ऐसी तकनीक है जिसका इस्तेमाल साइबर अपराधियों द्वारा ऑनलाइन फ्रॉड के लिए किया जाता है। इस प्रक्रिया में, स्कैमर पहले फिशिंग या अन्य धोखाधड़ी तरीकों से यूजर की व्यक्तिगत जानकारी जैसे कि बैंक डिटेल्स या मोबाइल नंबर हासिल करते हैं।

इसके बाद, वे सिम ऑपरेटर के पास जाकर यूजर के मौजूदा सिम की एक डुप्लीकेट कॉपी तैयार करवाते हैं, यानी यूजर के नंबर पर एक नया सिम रजिस्टर करवा लेते हैं। अगर वे इसमें सफल हो जाते हैं, तो मूल यूजर की सिम ब्लॉक हो जाती है और स्कैमर के पास उसी नंबर की नई सिम चली जाती है।

अगर यूजर का वही मोबाइल नंबर उनके बैंक खाते से जुड़ा होता है, तो स्कैमर ओटीपी प्राप्त करके यूजर के बैंक अकाउंट से आसानी से पैसे ट्रांसफर कर सकते हैं। यह प्रक्रिया ऑनलाइन फ्रॉड का एक गंभीर रूप है और इससे बचाव के लिए यूजर्स को सतर्क रहना चाहिए।

सिम स्वाइप फ्रॉड करने का तरीका

इस फ्रॉड में स्कैमर यूजर्स दो तरीकों से अपने जाल में फसा सकते है

पहला तरीका

सबसे पहले स्कैमर किसी भी गलत तरीके से आपके पर्सनल जानकारी इकट्ठा करते है

यूजर्स की जानकारी इकट्ठा करने के बाद स्कैमर टेलीकॉम कंपनी का अधिकारी बनकर यूजर्स के पास कॉल करते है।

फिर स्कैमर आपको आपके सिम संबंधी कुछ समस्याएं बताते है, और आपसे सिम के पीछे लिखे 20 डिजिट के नंबर के बारे में पूछते है।

अगर यूजर्स स्कैमर को अपना 20 अंकों का सिम नंबर बता देते है । तो अब आपको 1 बटन दबाने को कहा जाता है। वे एक नंबर का बटन इसलिए दबवाते है, क्योंकि इससे यूज़र से सिम स्वाइप करने की सहमति ले ली जाती है । सिम स्वैप करने की सहमति यूज़र से ले ली जाती है।

जब आप एक बटन प्रेस करते हो तो जिस ऑपरेटर की सिम आप इस्तेमाल कर रहे हैं, उसे लगता है कि आप अपनी मर्जी से सिम कार्ड एक्सचेंज कर रहे हैं और आपकी सिम स्वैपिंग हो जाती है। और आपको पता तक नहीं चलता।

सिम स्वाइप होते ही यूजर की सिम ब्लॉक हो जाती है और नेटवर्क आना बंद हो जाता है। और आपके ही नंबर की दूसरी सिम साइबर क्राइम करने वाले स्कैमर के पास एक्टिवेट हो जाती है ।

दूसरा तरीका

सिम स्वाइप करने के दूसरे तरीके में साइबर क्राइम करने वाले स्कैमर आपको सरकारी योजनाओं लोन इत्यादि जैसी सुविधाओं का लालच देकर आपसे आपकी

पर्सनल जानकारी इकट्ठा कर लेते है जैसे कि आधार कार्ड , पैन कार्ड , जन्म तिथि , वोटर आईडी कार्ड इत्यादि । इन दस्तावेजों का इस्तेमाल स्कैमर आपकी सिम स्वाइप करने में करते है।

ताकि वे आपकी सिम को ब्लॉक करके आपके नंबर की दूसरी सिम एक्टिवेट करवा सके । आपकी जानकारी के लिए बता दें कि मोबाइल ऑपरेटर आपका फोन खोने, नया फोन लेने या पुरानी सिम के डैमेज हो जाने पर उसी नंबर की नई सिम एक्टिवेट करते है।

स्कैमर जब आपके मोबाइल नंबर की दूसरी सिम बना लेता है, तो आपके सारे कॉल्स, मैसेज और बैंक ओटीपी सहित सभी जानकारियाँ उसके नंबर पर आने लगती हैं। ये सभी जानकारियाँ साइबर क्राइम करने वाले स्कैमर से बैंक अकाउंट साफ करने के लिए काफी होती हैं।

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सिम स्वाइप फ्रॉड से बचने का तरीका

1. अगर लंबे समय तक आपके फोन पर कोई मैसेज या कॉल न आए तो हो सकता है कि आपकी सिम स्वाइप की गई हो। तो इसकी तुरंत जांच करें और ऐसा होने पर अपना एटीएम कार्ड ब्लॉक करवा दे।

2. अगर आपके नंबर पर बार-बार फर्जी कॉल्स और एसएमएस आ रहे हैं, तो अपने फोन को स्विच ऑफ ना करें।

3. अगर कोई अनजान पर्सन आपके पास कॉल करके आपको किसी स्कीम का लालच दे और आपसे मेल या किसी ऑनलाइन फॉर्म के जरिए आधार कार्ड, पैन कार्ड या जन्म तिथि मांगे, तो उसे ये जानकारी बिलकुल ना दें।

4. इंटरनेट बैंकिंग के लिए आप हमेशा बैंक की ऑफिशियल वेबसाइट, पोर्टल और ऐप का ही इस्तेमाल करें । बैंक संबंधी सभी जानकारी आपको बैंक द्वारा दी गई वेलकम-किट में मिल जाएगी।

5. अपने फोन और कंप्यूटर में हमेशा ओरिजिनल सॉफ्टवेयर्स का ही इस्तेमाल करें।

अगर आपके पास 2G या 3G सिम को 4G में ट्रांसफर कराने से संबंधित किसी भी प्रकार का कॉल या मैसेज आता है । तो इस पर बिल्कुल भी भरोसा ना करें चाहे कॉल करने वाला व्यक्ति स्वयं को टेलीकॉम अधिकारी होने का दावा ही क्यों न करे।

यह लोगों के साथ ठगी करने का नया तरीका है इस प्रकार की कॉल स्कैमर द्वारा की जाती है ।

6. आपके पास ई सिम से जुड़ा किसी भी प्रकार का मैसेज आता है तो उसे भूलकर भी टेलीकॉम प्रोवाइडर के पास न भेजें ।

अगर आप मैसेज को टेलीकॉम प्रोवाइडर के पास भेज देते है तो वे आपके सिम को डीएक्टिवेट करके आपके नंबर का ही दूसरा सिम एक्टिवेट करके स्कैमर को मोटी रकम में बेच देंगे ।

7. अगर कोई भी टेलीकॉलर आपके पास कॉल करके सिम से संबंधित ऑफर्स के बारे में किसी भी प्रकार की जानकारी देता है, तो उसकी बातों में आकर अपनी पर्सनल जानकारी उसके साथ बिल्कुल भी शेयर ना करें

8. टेलीकॉलर के कहने पर आपने मोबाइल में किसी भी प्रकार के लिंक पर क्लिक न करें । अगर आपने टेलीकॉलर के कहने पर किसी भी प्रकार की वेबसाइट ओपन की या एप्लीकेशन डाउनलोड की है तो उसे तुरंत डिलीट कर दे।

9. अगर आपका सिम कार्ड अचानक से बंद हो जाता है और आपको मालूम है कि मेरा मोबाइल नंबर बैंक अकाउंट से लिंक है तो ऐसी स्थिति में तुरंत बैंक में कांटेक्ट करके उस नंबर से जुड़े बैंक अकाउंट को ब्लॉक करवा दे।

स्थिति सही होने पर आप बैंक में एप्लीकेशन देकर अपना अकाउंट तो दोबारा से एक्टिवेट करवा सकते हैं । इस प्रकार आप अपना अकाउंट खाली होने से बचा सकते हैं

10. अगर आप अपनी सिम खुद ही स्वाइप करवाना चाहते है यानी कि अपना नंबर दूसरी कंपनी में एक्सचेंज करवाना चाहते है । तो खुद कंपनी के ऑफिस या स्टोर पर जाकर सिम स्वाइप करवाए। कोई भी कंपनी कभी भी अपने यूजर्स के पास कॉल करके आपकी निजी जानकारी मांगती है।

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निष्कर्ष

दोस्तों इस लेख में हमने आपको आज के समय में तेजी से बढ़ रहे ऑनलाइन फ्रॉड के नए तरीके के बारे संपूर्ण जानकारी दी है।

इस लेख में हमने आपको बताया है कि सिम स्वाइप फ्रॉड क्या है Sim Swap Fraud Kya Hota Hai और सिम फ्रॉड से कैसे बचे।

अगर आपको ये जानकारी अच्छी लगी है तो अपनी राय कमेंट बॉक्स में बताये लेकिन अगर आपका सिम स्वाइप फ्रॉड को लेकर किसी भी प्रकार का सवाल है, तो आप कमेंट करके हमसे पूछ सकते है।

हम आपकी पूरी मदद करेंगे और इस जानकारी को दूसरे लोगों के साथ भी शेयर करे ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगो को ऑनलाइन फ्रॉड की इस नई तकनीक के बारे में पता चल सके जितने ज्यादा लोगों को इस तकनीक के बारे में जानकारी होगी उतने ही लोगों का अकाउंट खाली होने से बच पाएगा ।

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