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Mobile Charging Scam Alert Hindi : सावधान! चार्ज में लगाते ही चोरी हो जाएगा आपके फोन का पूरा डेटा, भूल कर भी न करें ऐसी गलती

क्या आप भी सफर के दौरान मोबाइल बंद होने के बाद पब्लिक प्लेस में लगे चार्जर से अपना मोबाइल चार्ज कर लेते हैं? अगर आपका जवाब हाँ हैं , तो आपकी ये गलती बहुत भारी पड़ सकती हैं। इसलिए लेख को तक पढ़ें। । इस लेख को पूरा पढ़ने के बाद आप पब्लिक प्लेस में अपने मोबाइल को चार्ज करना बिल्कुल छोड़ देंगे। और इसकी सलाह दूसरों को भी जरूर देंगे।

ऐसी अनेक खबरें सामने आ चुकी हैं कि पब्लिस प्लेस में मोबाइल चार्जिंग की वजह से उनके बैंक अकाउंट खाली कर दिए गए। आपको ये सुनकर थोड़ा अजीब भी लग रहा होगा। कि आखिर ऐसा कैसे होता हैं, मैंने तो अपना मोबाइल हाथ में लेकर ही चार्ज किया फिर भी ऐसा कैसे हो सकता हैं।

लोगों से गलत तरीके से ओटीपी के जरिए होने वाले फ्रॉड के बारे में ज्यादातर लोगों को जानकारी हों चुकी हैं। इसलिए अब स्कैमर्स ने लोगों के अकाउंट से पैसा निकालने के लिए
जूस जैकिंग का नया तरीका खोजा हैं।

जूस जैकिंग एक तरह से साइबर या वायरस अटैक होता है। इस वायरस का इस्तेमाल स्कैमर ज्यादातर पब्लिक प्लेस वाली जगहों पर लोगों को टारगेट करने के लिए करते हैं। जैसे कि रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड , मॉल या फिर एयरपोर्ट

जूस जैकिंग

स्कैमर पब्लिक प्लेस में लगे हुए USB चार्जिंग पोर्ट में इस जूस जैकिंग को छोड़ देते हैं। जूस जैकिंग एक प्रकार के साइबर फ्रॉड वायरस हैं। स्कैमर इस वायरस को चार्जिंग पोर्ट में छोड़ देते हैं।

जब भी कोई पर्सन इस चार्जिंग पोर्ट के जरिए अपना मोबाइल चार्ज करता हैं। तब मोबाइल का सारा डाटा स्कैमर के पास चला जाता हैं। इस डाटा के जरिए स्कैमर यूजर के बैंक अकाउंट को टारगेट करके पैसा निकाल लेते हैं।

जूस जैकिंग फ्रॉड की कुछ बड़ी खबरें

इस खबर की जानकारी तब पता चली जब हैदराबाद में एक कंपनी के CEO किसी पब्लिक प्लेस पर अपना मोबाइल USB पोर्ट के जरिए चार्ज कर रहा थे।तब उनके अकाउंट से लगभग 16 लाख रुपये निकाले गये।

ऐसा ही एक मामला दिल्ली एयरपोर्ट पर भी आया था।। जहां पर एक महिला एयरपोर्ट पर ही चार्जिंग पोर्ट के जरिए अपना मोबाइल चार्ज कर रही थी। तब उनके अकाउंट से लगभग 1.5 लाख रुपए निकाल लिए गए।

जूस जैकिंग का ये खेल केवल आपके बैंक अकाउंट तक ही सीमित नहीं हैं। इस तरीके से स्कैमर आपके पर्सनल फ़ोटोज़ वीडियो , यूपीआई पासवर्ड, सोशल मीडिया पासवर्ड तक पहुच सकते हैं।

इस प्रकार की एक खबर जयपुर से सामने आई हैं जहां पर चार्जिंग पोर्ट के जरिए एक लड़की के फ़ोटो वीडियो चुराकर उसे वायरल करने के नाम पर ब्लेकमेल किया गया।

जब इस खबर की जांच की गई तो पता चला कि लड़की कुछ दिन पहले बैंगलोर में अपनी मौसी के यहाँ पर गई थी। तब उसने स्टेशन पर लगे चार्जिंग पोर्ट के जरिए अपना मोबाइल चार्ज किया था। तब एक्सपर्ट को समझ आया कि लड़की जूस जैकिंग का शिकार हुई हैं।

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फ़ोटोओ का इस्तेमाल और भी कितने गलत तरीके से किया जा सकता हैं। इसकी आप कल्पना भी नहीं कर सकते हैं। स्कैमर आपके फ़ोटोओ वीडियो का इस्तेमाल गलत तरीके से कैसे करते हैं। इसके बारे में हम अलग से किसी वीडियो में बात करेंगे।

फोन चार्जिंग या डेटा ट्रांसफर का ऑप्शन नहीं आता

जब भी यूजर पब्लिक प्लेस में लगे हुए चार्जिंग पोर्ट पर अपनी डिवाइस चार्जिंग के लिए लगाते हैं तो आपको डाटा ट्रांसफर का विकल्प नहीं मिलता इसलिए यूजर धोखा खा जाते हैं कि मेरा मोबाइल तो बस चार्ज हो रहा हैं।

स्कैमर डिवाइस में ऐसी सेटिंग करके रखते हैं जैसे ही कोई पर्सन चार्जिंग पोर्ट के जरिए मोबाइल चार्ज करता हैं। बिना मोबाइल में कोई नोटिफिकेशन या मैसेज आए यूजर के मोबाइल का डाटा ट्रांसफर होना स्टार्ट हो जाता हैं।

पब्लिक प्लेस पर लगे 22% चार्जिंग स्टेशन सुरक्षित नहीं

साइबर क्राइम मामलों पर रिसर्च कर रही संस्था ‘अलर्ट इंडियंस’ ने जब इस प्रकार के मामलों को लेकर दिल्ली, बेंगलुरु, मुंबई, पुणे और हैदराबाद 2021 में रिसर्च किया था।

तब उसने देखा कि इन बड़े स्थानों पर भी पब्लिक प्लेस पर लगे 22% से अधिक चार्जिंग स्टेशन सेफ नहीं हैं। तो छोटे स्थानों पर इसकी कोई लिमिट नहीं हो सकती।

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इस प्रकार की घटना से कैसे बचें।

  1. किसी भी प्रकार के पब्लिक प्लेस पर मौजूद चार्जिंग स्टेशनों पर मोबाइल फोन चार्ज करने से बचें
  2. सफर पर निकले तो अपने साथ मोबाइल , चार्जर , साथ में लैपटॉप हैं तो लैपटॉप चार्जर या फिर पावर बैंक लेकर निकलें।
  3. अगर पब्लिक प्लेस मे मोबाइल चार्ज करना हैं तो अपने चार्जर को लाइट के सॉकेट में लगाकर चार्ज करें।
  4. अगर आपको मोबाइल चार्ज करने की इमरजेंसी हैं तो ऐसी स्थिति में पब्लिक प्लेस पर चार्जिंग पोर्ट से मोबाइल चार्ज करते समय मोबाइल को स्विच ऑफ कर दें।
  5. मोबाइल चार्ज करते समय अपने स्मार्टफोन की सेटिंग में USB debugging के अंदर Install over ADB के विकल्प को हमेशा ऑफ करके रखें।
  6. अगर आपके स्मार्टफोन में कीमती डाटा मौजूद रहता हैं तो अपने स्मार्टफोन में एंटी वायरस भी इंस्टाल करके रख सकते हैं। ताकि इस प्रकार के वायरस अटैक से बचा जा सकें।

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जूस जैकिंग के जरिए साइबर फ्रॉड की घटनाएं सामने आने के बाद गृह मंत्रालय ने भी इसको लेकर एडवाइजरी जारी की हैं। ताकि लोगों को इस प्रकार के फ्रॉड से बचाया जा सके।

यूएसबी कंडोम क्या हैं।

चार्जिंग के समय यूजर के मोबाइल से डाटा ट्रांसफर न हो इसके लिए टेक कंपनिया ने मार्केट में यूएसबी डेटा ब्लॉकर्स लांच किये हैं। जिन्हे ‘यूएसबी कंडोम’ के नाम से भी जाना जाता हैं।

यूएसबी डाटा ब्लॉकर्स/’यूएसबी कंडोम’ एक प्रकार की ‘यूएसबी एडाप्टर की तरह की डिवाइस होती हैं। इस डिवाइस में एक तरफ इनपुट दूसरी तरफ आउटपुट पोर्ट होता हैं। इस एडाप्टर डिवाइस को डेटा केबल या यूएसबी केबल के आगे लगाया जाता है।

इस डिवाइस की खास बात यह हैं कि ये प्लग के जरिए मोबाइल में पावर सप्लाई तो भेजता ही बल्कि डाटा ट्रांसफ़र को पूरी तरह से रोक देता हैं। ये साइज में काफी छोटा हैं इसलिए इसे काफी ध्यान से रखना पड़ता हैं। मार्केट में इसकी कीमत 500 से 1000 रुपये तक हैं।

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साइबर एक्सपर्ट यही सलाह देते हैं कि अगर आप कहीं सफर पर जाओ तो इस डिवाइस को साथ रखें ताकि अगर आप किसी पब्लिक प्लेस वाले चार्जिंग पोर्ट पर अपने मोबाइल को चार्ज करो तो इस डिवाइस का इस्तेमाल करो।

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टेक्नोलॉजी की दुनिया में खुद को जितना अपडेट रखोगे उतना ही आप स्मार्ट बनोगे।

धन्यवाद

sharukh khan

मेरा नाम शाहरुख खान हैं। में पेशे से ब्लॉगर , कंटेन्ट राइटर और डिजिटल मार्केटर हूँ। मुझे टेक्नोलॉजी क्षेत्र के बारें में अच्छी समझ हैं इसलिए में tech be smart प्लेटफ़ॉर्म के जरिए आसान से आसान भाषा में दूसरे यूजर की समझने की कोशिश करता हूँ।

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