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Fake App ki Pehchan Kaise Kare : असली नकली ऐप की पहचान कैसे करे?

डिजिटल टेक्नोलॉजी की दुनियां मे स्मार्टफोन स्मार्टटीवी इलेक्ट्रॉनिक गेजेट्स इत्यादि इस्तेमाल करना बेहद ही आसान हो गया है जिसके कारण स्मार्ट डिवाइसेस  को आसान तरीकों से इस्तेमाल करने के लिए इनमे एप्लीकेशन की जरूरत होती है जिसके कारण ऐप को डाउनलोड करने के लिए ज्यादातर यूजर्स गूगल प्ले स्टोर या फिर एप्पल प्ले स्टोर का इस्तेमाल करते है।

लेकिन इन प्लेटफ़ॉर्म पर भी बहुत सी ऐसी ऐप्लीकेशन भरी पड़ी है। जो फेक होती है उन्ही किसी हेकर्स के द्वारा बनाकर इन प्लेटफ़ॉर्म पर पब्लिश किया जाता है, ताकि यूजर्स इन्हे डाउनलोड कर सके। अगर आपको फेक ऐप के बारे मे ज्यादा जानकारी नहीं है तो इस लेख मे पूरा पढे इस लेख मे हम फेक ऐप के बारे मे विस्तार से समझाने वाले है।  

अगर आप मोबाइल यूजर्स है, तो इसे पूरा पढे यह लेख आपके बहुत काम आ सकता है। अगर आप गलती से भी किसी फेक ऐप को मोबाइल मे इंस्टाल कर लेते हो तो यह आपको कितना बड़ा नुकसान पहुचा सकता है। इसका अंदाजा लगा पाना अभी नामुमकिन है नहीं तो आपको तभी समझ मे आ पायेगा जब आपके साथ Fake App के माध्यम से कोई घटना घटेगी।

इस लेख मे हम जानेंगे की फेक ऐप क्या है Fake App Kya Hai फेक ऐप की पहचान कैसे करे Fake App ki Pehchan Kaise Kare असली नकली ऐप को कैसे पहचाने asli nakli app ko kaise pahchane फेक ऐप इंस्टाल करने के नुकसान 

Fake App ki Pehchan Kaise Kare

स्मार्टफोन आने के बाद सबसे ज्यादा यूजर इंटनेट पर वेबसाइट का इस्तेमाल किया करते थे जिसमे उन्हे बहुत समय भी लगता था लेकिन ऐप्लीकेशन आने के बार इंटनेट से जुड़े कार्य भी आसान हो गए है। अगर आपको ऐप के बारे मे सही जानकारी नहीं है तो आपकी प्राइवेसी को खतरा हो सकता है।  

आए दिन इंटरनेट की दुनिया मे हेकर्स यूजर्स का डेटा चोरी करना, बेंक खाते से पैसे निकालना इत्यादि जैसी घटनाओ को अंजाम देते रहते है इसका सबसे बड़ा कारण है। मोबाइल मे फर्जी ऐप इंस्टाल करना और मोबाइल मे आने वाले फर्जी लिंक पर क्लिक करना इत्यादि।  

इन Fake App मे हेकर्स वायरस और मलीशस कोड डाल देते है जब कोई भी यूजर इन ऐप को अपने मोबाइल मे इंस्टाल करता है तो उनके मोबाइल का एक्सेस हेकर्स के पास चला जाता है।  

गूगल भी समय समय पर अपने यूजर्स को ऐसे फर्जी ऐप को मोबाइल से डिलीट करने और उन्हे डाउनलोड न करने की सलाह देता रहता है जिसके बारे मे बहुत कम यूजर्स को जानकारी मिलती है यही कारण है। मोबाइल हैकिंग की घटनाए दिन प्रतिदिन बढ़ती ही जा रही है।  

वर्तमान मे गूगल को दुनिया का सबसे बड़ा सर्च इंजन माना जाता है यही कारण है गूगल के पास खुद का ऐप्लीकेशन प्ले स्टोर है जिस पर अलग अलग केटेगरी से जुड़े करोड़ों ऐप्लीकेशन का भंडार है जिसके कारण गूगल की सिक्योरिटी भी मजबूत है।

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लेकिन फिर भी कुछ हेकर्स गलत तरीकों का इस्तेमाल करके अपने ऐप को गूगल प्ले स्टोर मे डाल देते है और यूजर जानकारी न होने की वजह से उन्हे इंस्टाल भी कर लेते है।  

इन फर्जी मे ऐप मे सबसे बड़ी बात यह भी है कि इनमे बहुत सी ऐप कुछ बड़ी ऐप की बिल्कुल डुप्लिकेट कॉपी होती है जो देखने पर ओरिजनल ऐप की तरह ही लगती है। बहुत से यूजर्स यूजर फर्जी और ओरिजनल ऐप मे अंतर नहीं कर पाते है और फर्जी ऐप को ही ओरिजनल ऐप समझकर इंस्टाल कर लेते है।  

1. ऐप के नाम पर दें विशेष ध्यान 

आप जब भी गूगल प्ले स्टोर से किसी ऐप को इंस्टाल करते हो तो उसे इंस्टाल करने से पहले हमेशा उसके नाम को बारीकी से देखे बहुत सी ऐप को बड़ी ऐप के नाम से मिलती जुलती ऐप के नाम रखकर बनाया जाता है, ताकि यूजर्स इन्हे डाउनलोड करते समय धोखा का सके इसके अलावा ऐप के नाम की स्पेलिंग और लोगों के रंग पर भी ध्यान दे फर्जी और ओरिजनल ऐप मे बहुत कम अंतर होता है।  

2. डेवलपर के नाम को पढ़ें 

Google Play Store पर एक ही नाम से मिलते जुलते ऐप भरे पड़े है। ऐसे मे फर्जी और फेक ऐप Fake App की पहचान करना हर किसी के लिए आसान नहीं है इसलिए जरूरी है, कि ऐप इंस्टाल करते समय अगर आपके सामने कभी इस प्रकार की समस्या आए तो, उस ऐप की डिस्करीपशन मे जाकर उसे अच्छे से पढे।

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वहा पर आपको बहुत से ग्रामर और स्पेलिंग गलत मिलेगी जिससे आप आसानी से समझ सकते है इसके अलावा ऐप के डेवलपर के नाम पर भी ध्यान दे।

3. रिव्यू और रेटिंग पर दें ध्यान

इंटरनेट की डिजिटल दुनिया मे रिव्यू और रेटिंग का बड़ा ही महत्व है। इसके जरिए यूजर्स पब्लिक का किसी भी चीज का बारे मे फीडबेक जान सकते है और आसानी से पता लगा सकते है कि इसका इस्तेमाल  करना सही है या नहीं 

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अगर आप भी किसी पहली बार डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म पर किसी ऐप या प्रोडक्ट का इस्तेमाल कर रहे है तो उसका रिव्यू जरूर दे ताकि दूसरे यूजर्स भी उसके बारे मे जान सके। इसलिए जरूरी है कि किसी भी ऐप को इंस्टाल करने से पहले एक बार उसके रिव्यू जरूर पढे।  

अगर उस ऐप के बारे मे आपको रिव्यू अच्छे लगते है तो ही उस ऐप को इंस्टाल करना जरूरी समझे।  

4. एंटीवायरस का करें प्रयोग 

अगर आप अपने मोबाइल का इस्तेमाल किसी बिजनस परपज या फिर मोबाइल मनी ट्रांसफर के लिए करते है या फिर आप प्रोफेशनल यूजर्स है तो आप अपने मोबाइल मे पैड एंटीवायरस का जरूर इस्तेमाल करे ।

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इसका फायदा यह होगा कि यह आपको फेक ऐप डाउनलोड करने से तो बचाएगा ही और आपके मोबाइल मे आने वाले एंटीवायरस को भी हटाता रहेगा।

5. थर्ड पार्टी एप स्टोर ऐप डाउनलोड करने से बचे 

इंटरनेट पर गूगल प्ले स्टोर के अलावा भी बहुत से थर्ड पार्टी ऐप्लीकेशन स्टोर है जिनमे ज्यादा सिक्योरिटी नहीं होती है इसलिए जरूरी है। अपने मोबाइल मे किसी भी ऐप्लीकेशन को को थर्ड पार्टी ऐप्लीकेशन स्टोर से इंस्टाल करने से बचे। अगर आप एंड्रायड मोबाइल यूजर हैं तो गूगल प्ले स्टोर से ही एप्लीकेशन को डाउनलोड करे।  

6.  ऐप की लोकपिरीयता देखे 

अगर आप किसी बड़ी ऐप को इंस्टाल करना चाहते है जैसे की फ़ेसबुक , व्हाट्सअप , इंस्टाग्राम , ट्विटर ऐमज़ान , लिंक्डइन इत्यादि ऐप मे से इंस्टाल करना चाहते है तो इनके असली और नकली ऐप की पहचान करना सबसे आसान है।  

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आप इन ऐप के नाम के नीचे उनके डाउनलोड होने की संख्या को देखकर पता लगा सकते है अगर किसी ऐप की संख्या मिलियन मे है तो वो असली ऐप है अगर किसी ऐप के डाउनलोड होने की संख्या हजारों मे है तो फर्जी ऐप है।  

7.  फर्जी ऐप दिखने पर क्या करें 

अगर आप गूगल प्ले स्टोर से किसी भी ऐप को इंस्टाल करते समय पहचान जाते है कि यह ऐप फर्जी है, तो आप उसे भूलकर भी इंस्टाल न करे। इस प्रकार के ऐप पर आप रिपोर्ट कर सकते है ताकि उस ऐप के बारे मे गूगल पास अलर्ट चला जाए और वो समझ सके कि इस ऐप मे कुछ गड़बड़ी है। पता चलने पर  गूगल ऐसी ऐप को डिलीट कर देता है।  

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रिपोर्ट करने के लिए फेक ऐप पर फ्लैग कर सकते है। फेक ऐप को फ्लैग करने के लिए पेज में नीचे की और आपको  ‘Flag As Inappropriate’ का ऑप्शन दिखाई देगा। जिस पर क्लिक करके आप किसी भी फर्जी ऐप को फ्लैग और रिपोर्ट कर सकते हैं।

निष्कर्ष

इस लेख मे हमने आपको असली और नकली ऐप की पहचान करने के बारे मे विस्तार से समझाया है क्योंकि आज मे समय मे सबसे ज्यादा ऑनलाइन फ्रॉड की घटनाए फेक ऐप के जरिए हो रही है इसलिए जरूरी है इस जानकारी को अच्छे से समझे चाहे इसे दो तीन बार ही क्यों न पढ़ना पड़े।  

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इस लेख मे हमने आपको बताया है फेक ऐप क्या है Fake App Kya Hai फेक ऐप की पहचान कैसे करे Fake App ki Pehchan Kaise Kare असली नकली ऐप को कैसे पहचाने asli nakli app ko kaise pahchane फेक ऐप इंस्टाल करने के नुकसान इत्यादि 

अगर आपको ये जानकारी पसंद आई है तो आप अपनी राय हमे कमेन्ट बॉक्स मे जरूर बताए अगर इस जानकारी को लेकर आपका किसी प्रकार का सवाल है तो आप कमेन्ट के माध्यम से पूछ सकते है इस जनकारी को दूसरों तक पहुचाना बिल्कुल न भूले। धन्यवाद  

sharukh khan

मेरा नाम शाहरुख खान हैं। में पेशे से ब्लॉगर , कंटेन्ट राइटर और डिजिटल मार्केटर हूँ। मुझे टेक्नोलॉजी क्षेत्र के बारें में अच्छी समझ हैं इसलिए में tech be smart प्लेटफ़ॉर्म के जरिए आसान से आसान भाषा में दूसरे यूजर की समझने की कोशिश करता हूँ।

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